कुरान की 26 आयतों को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला बताने वाली वसीम रिज़वी की याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आज बड़ा कदम उठाते हुए याचिका को खारिज कर दिया है। जी हाँ, सही पढ़ा आपने, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इस
याचिका के मुख्य याचिकाकर्ता और यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। रिज़वी ने कुछ दिन पहले मुस्लिमों के पवित्र धर्मग्रन्थ क़ुरान के 26 आयतों पर बहुत ही विवादित और उकसाने वाला शर्मनाक बयान दिया था, इस पर उसने अपनी दलील दी थी , अपनी दलील में उसने कहा था कि कुरान की ये 26 आयतें हिंसा को बढ़ावा देती हैं और इसमें गैर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा और उनकी हत्या को प्रेरित करने वाली बातें लिखी हैं। जिनको क़ुरान से हटा देना चाहिए और इसके लिए उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर रखी थी। जिस पर विचार के लिए 12 अप्रैल की तारीख मिली हुई थी।
जिसको आज 3 जजों की बेंच ने उक्त याचिका को सिरे से ही खारिज़ कर दिया ,
जस्टिस रोहिंटन एफ नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह याचिका विचार करने लायक ही नहीं है। पीठ में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऋषिकेष रॉय भी शामिल थे। इसके साथ साथ वसीम रिज़वी पर ऐसा विवादित और धार्मिक भावनाये उकसाने वाली याचिका डालने के कारण 50 हज़ार का जुर्माना भी लगाया गया है।

रिज़वी ने अपनी याचिका में यह कहा था कि कुरान की ये 26 आयतें आतंक को बढ़ावा देने वाली हैं और उन्हें हटाया जाना चाहिए ताकि आतंकी गतिविधियों से मुस्लिम समुदाय का नाम न जुड़ सके। रिज़वी ने अपनी याचिका में यह भी कह कर अपनी याचिका का बचाव करना चाहा था कि इन आयतों से देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरा है। जिसको सुप्रीम कोर्ट के जजों ने पूरी तरह से सिरे से नकार दिया तथा याचिका को खारिज कर दिया और 50 हज़ार का अर्थदंड लगाकर रिज़वी को दण्डित भी किया।

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने भी रिज़वी को भेजा था नोटिस

पिछले महीने मार्च में रिज़वी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर करने के बाद पुरे देश में मुस्लिमों में भारी आक्रोश देखने को मिला था , उनकी मांग थी की मुस्लिमों की धार्मिक भावनाये भड़काने के कारण वसीम रिज़वी को गिरफ़्तार करके सख्त से सख़्त सजा दी जाये , इसके बाद राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने उसे नोटिस जारी किया था। आयोग ने अपने भेजे नोटिस में भी वसीम रिज़वी द्वारा कुरान को लेकर डाली गई पीआईएल पर नाराजगी जाहिर की थी। आयोग ने वसीम रिज़वी की विवादित टिप्पणियों और मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने पर उसे नोटिस जारी कर दिया था। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने वसीम रिज़वी को बिना शर्त माफी मांगने और अपना बयान वापस लेने की बात कही थी। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने बयान में कहा था कि अगर वसीम ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। आयोग ने यह भी कहा था कि वसीम रिज़वी ने सोची-समझी साजिश के तहत ऐसा बयान दिया है ताकि देश में आपसी सौहार्द्र के माहौल को बिगाड़ा जा सके।

अपने परिवार और रिश्तेदारों के द्वारा हो चुका है बायकॉट वसीम रिज़वी
वसीम रिज़वी क़ुरान के 26 आयतों पर विवादित और भड़काऊ बयान देकर पुरे मुस्लिम समाज के साथ साथ अपने परिवार के द्वारा भी बायकॉट किया जा चुका है , यहां तक की उसके परिवार और बीबी बच्चों ने भी उससे रिश्ता खतम कर दिया है।