सबसे खास बात ये है कि इसका आधा हिस्सा गुजरात में आता है तो इसका दूसरा हिस्सा महाराष्ट्र में ! इस रेलवे स्टेशन के बीचोबीच एक कुर्सी भी रखी है जिसका एक हिस्सा गुजरात में पड़ता है जबकि दूसरा हिस्सा महाराष्ट्र में!

आपने अक्सर दो पुलिस थाने की सीमा को लेकर होने वाले विवाद के बारे में सुना होगा! या इंटरनेट पर दो देश के बॉर्डर आपस में जुड़े होने की तस्वीरें वायरल होती रहती हैं! ऐसा ही कुछ भारत के एक रेलवे स्टेशन के साथ भी है! दरअसल, एक रेलवे स्टेशन ऐसा भी है कि इसमें खास बात ये है कि यह स्टेशन आधा गुजरात के अंडर आता है और इसका दूसरा हिस्सा महाराष्ट्र में पड़ता है! आप भी सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसे कैसे हो सकता है, लेकिन यह एकदम सच बात है!

इतना ही नहीं, इस रेलवे स्टेशन के बीचोंबीच एक कुर्सी भी रखी है, जिसका एक हिस्सा गुजरात में है और दूसरा हिस्सा महाराष्ट्र में! यह सुनने में बेहद अजीब लग रहा है, लेकिन सच बात है और आप ऊपर लगी फोटो से भी अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां का नजारा कैसा होगा! साथ ही आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर यहां काम कैसे होता है और नियम किस राज्य के फॉलो होते होंगे… आइए जानते हैं ये रेलवे स्टेशन कहां है और यहां काम कैसे होता है और यह किस तरह से बंटा हुआ है जानते हैं सब कुछ …

केंद्रीय रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने भी Quora पर इसकी जानकारी दी है और बताया
है कि यह सीन किस रेलवे स्टेशन पर है! पीयूष गोयल ने भी रेलवे से जुड़े अनसुने रोचक तथ्य बताते हुए इस रेलवे स्टेशन के बारे में बताया!

कहां  मौजूद है ये रेलवे स्टेशन?

नवापुर नाम है इस रेलवे स्टेशन का! वैसे तो यह रेलवे स्टेशन गुजरात और महाराष्ट्र के बॉर्डर पर है इस वजह से इसका एक हिस्सा नवापुर में है और एक हिस्सा महाराष्ट्र में है. यह सूरत-भुसावल लाइन पर है, जो देश का एक ऐसा रेलवे स्टेशन है, जो राज्यों में बंटा हुआ है! आधा स्टेशन महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में आता है और आधा गुजरात के तापी जिले में पड़ता है. गुजरात और महाराष्ट्र के बंटवारे से पहले ही ये स्टेशन बन चुका था और बंटवारे के बाद भी इस स्टेशन में कोई बदलाव नहीं हुआ और नतीजा ये हुआ कि अब ये दोनों राज्यों में आता है!

किस तरह से बंटा हुआ है और कैसे होता है यहां पर काम ?

ये रेलवे स्टेशन खास तरीके से बंटा हुआ है~ इसमें जहां ट्रेन खड़ी होती है या आती है वो गुजरात के क्षेत्र में हैं! वहीं, यहां का क्लरिकल काम महाराष्ट्र के क्षेत्र में होता है! सीधे शब्दों में कहें तो रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म वाला हिस्सा गुजरात में है और जहां रेलवे के ऑफिस होते हैं, वो महाराष्ट्र के क्षेत्र में है. वैसे नवापुर रेलवे स्टेशन, महाराष्ट्र के हिस्से में आता है! नवापुर महाराष्ट्र के नंदूरबार जिले का एक तालुका है!

रिपोर्ट्स के अनुसार, जब भी कोई सूचना दी जाती है तो 4 अलग-अलग भाषाओं में दी जातीं है! यहां हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी में अनाउंसमेंट होता है. ऐसे में यह रेलवे स्टेशन बेहद खास है. ऐस में कहा जा सकता है कि इस रेलवे स्टेशन में आपको महाराष्ट्र से टिकट लेनी होती है और आपको ट्रेन पकड़ने के लिए गुजरात वाले हिस्से में जाना पड़ता है!

पुलिस और अपराधियों के बीच भी खूब होती है आंख मिचौली

दो राज्यों में पड़ने वाले इस रेलवे स्टेशन के कारण पुलिस और अपराधियों के बीच खूब आंख मिचौली देखने को मिलती है क्यूंकि कुछ चीजें एक राज्य में वैध हैं तो दूसरे राज्य में गैर-कानूनी ! जैसे शराब महाराष्ट्र में वैध में परन्तु वही गुजरात में अवैध ! गुजरात में पान -मसाला एवं तम्बाकू बनाना व बेचना वैध है जबकि महाराष्ट्र में गैर कानूनी ! इसलिए कभी कभी शातिर अपराधी इस ट्रैन में से अवैध सामग्री के साथ पकड़े भी जाते हैं तो भागकर ट्रैन के उस हिस्से में चले जाते हैं जहां वो अवैध सामग्री वैध हो जाती है क्यूंकि इस राज्य के कानून उस राज्य में निष्क्रिय हो जाते हैं !

रेल मंत्री के नवापुर रेलवे स्टेशन संबंधी पोस्ट के रिप्लाई में आयुष नवल नामक यूजर ने उन्हें भवानी मंडी स्टेशन की जानकारी दी!

 

भवानी मंडी स्टेशन पर भी मिलती है दो राज्यों की सीमा


दो राज्यों की सीमाओं पर पड़ने वाले स्टेशनों में सिर्फ नवापुर का ही नाम शामिल नहीं है! बल्कि मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमाओं पर भवानी मंडी नामक एक और स्टेशन भी देखने को मिलता है, जो दोनों राज्यों को रेलवे के जरिए एक करता है! राजस्थान के झालावाड़ जिले में पड़ने वाला भवानी मंडी स्टेशन भी भारतीय रेलवे के अनोखे स्टेशनों की फेहरिस्त में शामिल है! यह स्टेशन भी आधा मध्यप्रदेश और आधा राजस्थान में बंटा हुआ है! इस स्टेशन पर भी दोनों राज्यों की सीमाओं को दिखाने के लिए बोर्ड लगाए गए हैं!  रोचक बात यह है कि इस स्टेशन पर खड़ी होने वाली रेलगाड़ियों का इंजन एक राज्य में खड़ा होता है तो गार्ड का कोच दूसरे राज्य में रहता है! नवापुर स्टेशन की तरह ही भवानी मंडी स्टेशन का टिकट बुकिंग काउंटर मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में पड़ता है तो स्टेशन में आने का रास्ता और इसका प्रतीक्षालय राजस्थान के झालावाड़ जिले के अंतर्गत आते हैं!

तो हैं न ये दोनों रेलवे स्टेशन अनोखे और रोचक!